71st National Film Awards 2025 Winners: बॉलीवुड के ‘बादशाह’ शाहरुख खान को उनके करियर के लगभग 35 वर्षों बाद पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला है। उन्हें यह पुरस्कार 2023 की सुपरहिट एक्शन फिल्म ‘जवान’ में उनके दमदार अभिनय के लिए दिया गया है। उन्होंने यह सम्मान विक्रांत मैसी के साथ साझा किया है, जिन्हें ‘12वीं फेल’ में अपने प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए यह सम्मान मिला।
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से पुरस्कारों की घोषणा की, जिसमें कई नामचीन फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया गया।
Announcement of 71st National Film Awards | @nfdcindia | @PIB_Indiahttps://t.co/RgE9nvXB6R
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) August 1, 2025
शाहरुख की ऐतिहासिक जीत
शाहरुख खान, जो पहले ही भारत और विदेशों में सैकड़ों पुरस्कार जीत चुके हैं, अब तक के करियर में पहली बार राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किए गए हैं। 2023 शाहरुख के लिए एक शानदार वापसी का साल था—इस वर्ष उन्होंने ‘पठान’, ‘जवान’ और ‘डंकी’ जैसी तीन बड़ी फिल्में दीं।
उन्होंने 1992 में 'दीवाना' से बॉलीवुड में कदम रखा था और उसके बाद 'बाज़ीगर', 'डर' जैसे ग्रे किरदार निभाकर ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ से ‘रोमांस के बादशाह’ बन गए। हाल के वर्षों में वे एक्शन फिल्मों की ओर मुड़े हैं और 'जवान' ने उनकी उस शैली को नई ऊंचाई दी।
हालांकि 'किंग' फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी मांसपेशियों में चोट आई और उन्हें अमेरिका जाकर इलाज कराना पड़ा। यह पहली बार नहीं है जब शाहरुख ने चोट के बावजूद शूटिंग की हो—2001 में ‘शक्ति: द पावर’ के एक सीन के दौरान उन्हें रीढ़ की गंभीर चोट लगी थी और 2003 में लंदन में सर्जरी करानी पड़ी थी।
शाहरुख की तरह ही विक्रांत मैसी ने भी अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी और धीरे-धीरे सिनेमा में अपनी पहचान बनाई। फिल्म ‘12वीं फेल’ में उनके अभिनय को पूरे देश में सराहा गया और अब उन्हें भी राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा गया है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की मुख्य श्रेणियां
मुख्य फिल्म पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: 12वीं फेल (निर्देशक: विधु विनोद चोपड़ा)
सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म (मनोरंजन के लिए): रॉकी और रानी की प्रेम कहानी (निर्देशक: करण जौहर)
राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म: सैम बहादुर
सर्वश्रेष्ठ बच्चों की फिल्म: नाल 2 (मराठी)
सर्वश्रेष्ठ निर्देशन: सुदीप्तो सेन (द केरल स्टोरी)
सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: रानी मुखर्जी (मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे)
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: विजयराघवन (पूलकलम) और मुथुपेट्टई सोमु भास्कर (पार्किंग)
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री: जानकी बोडीवाला (Vash) और उर्वशी (Ulazhukku)
सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार (संयुक्त रूप से): त्रिशा थासर, कबीर खंडारे, भार्गव, और अन्य
सर्वश्रेष्ठ महिला पार्श्वगायिका: शिल्पा राव ('जवान')
सर्वश्रेष्ठ पुरुष पार्श्वगायक: पीवीएन एस रोहित ('बेबी', तेलुगु)
अन्य प्रमुख रचनात्मक श्रेणियां
सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक: दीपक किंगरानी ('सिर्फ एक बंदा काफी है')
सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले: साईं राजेश नीलम (बेबी) और रामकुमार बालकृष्णन (पार्किंग)
सर्वश्रेष्ठ छायांकन: प्रशांतनु मोहपात्रा (द केरल स्टोरी)
सर्वश्रेष्ठ संपादन: मिधुन मुरली (पोक्कलम)
सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन:
बैकग्राउंड स्कोर: संदीप रेड्डी वांगा (एनिमल)
संगीत रचना: जीवी प्रकाश कुमार (वाथी)
सर्वश्रेष्ठ गीत लेखन: कसाला श्याम (बलगम)
सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी: ‘ढोला बाजे रे’ (रॉकी और रानी...)
क्षेत्रीय भाषाओं की सर्वश्रेष्ठ फिल्में
हिंदी: कथल – अ जैकफ्रूट मिस्ट्री
मराठी: श्यामची आई
तमिल: पार्किंग
तेलुगु: भगवंत केसरी
मलयालम: उल्लाझुक्कु
गुजराती: वश
बांग्ला: डीप फ्रिज
असमिया: रोंगाटापु
गैरो, मिजो, ताई फाके आदि भाषाओं में भी फिल्मों को सम्मानित किया गया
गैर-फीचर फिल्म श्रेणियों में उल्लेखनीय नाम
सर्वश्रेष्ठ गैर-फीचर फिल्म:' फ्लावरिंग मैन' (Flowering Man)
सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (गैर-फीचर): पीयूष ठाकुर (द फर्स्ट फिल्म)
सर्वश्रेष्ठ कला एवं संस्कृति फिल्म: टाइमलेस तमिलनाडु
सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री: गॉड, वल्चर एंड ह्यूमन (God, Vulture and Human)
सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म: 'गिद्ध - द स्कैवेंजर'
सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक: उत्पल दत्ता (असमिया)